हमको अब भी ये कहानी याद है,

नव-जवानों की जवानी याद है।


मैं ने जो पूछा किसी से, याद है,

वो कहा कुर्बानी, यानी याद है।


आह की आवाज़ सुनकर फ़ौज की,

रुक गया था बहता पानी याद है।


प्रेम का दिन है मगर मैं गम में हूं,

मुझको पुलवामा जबानी याद है।


- अफसर अमीम