1 लाख का बकरा ।
बकरीद के मौके पर बकरा बाजार में रंगबिरंगे सजे धजे बकरा बिकते देखा । कहीं लाल तो कहीं सफेद किसी के सर पे चमचमाती हुई कपड़े तो कई के पैरों में झुंझुनते हुए घुंघरू ।
बकरों के भीड़ में सभी लयलित थे उस खास बकरे को देखने जिसे पूरा बाजार देखना चाहता था ।
मैं भी उत्साहित उस बकरे को ढूंढने निकला और आसानी से अचंभित भीड़ ने मुझे उस बकरे के तरफ पहुंचा दिया ।
एक ने कहा ये बकरा 1 लाख का है , क्यों आखिर ऐसा क्यूँ ?
क्योंकि इस बकरे के सीने में "अल्लाह" लिखा है ।
अल्लाह लिखा है इसलिए इस बकरे की कीमत 1 लाख है ।
भीड़ ने बुदबुदाना शुरू किया "ऐसा बकरा लाखो में एक होता है । जो भी इस बकरे को कुर्बानी देगा वो बहुत नेक कहलायेगा ।"
पास में बैठा एक हाफिज तरसते नज़र से बकरे को देख रहा था और मन ही मन मुस्कुराते हुए भीड़ से आगे निकल पड़ा ।
उस आम बकरे की कीमत बढ़ गयी क्योंकि उसके सीने में अल्लाह लिखा है, तो मेरी कीमत उस अल्लाह के सामने कितना होगा क्योंकि मेरे सीने में तो पूरा क़ुरान लिखा है ।
"जानवरों की कीमत इंसानो से अधिक है ।"
~जावेद 'दरवेश'


