उम्मीद हमें थी सामाधान मिलेगा,
हल सारे सवालों का आसान मिलेगा।
इस बार के संबंधों में धोखा नहीं हो,
इस बार कोई सच्चा इंसान मिलेगा।
हम ढूँढ़ ही लेंगे कोई राह अज़ल की,
हर मोड़ पे मंज़िल का नीशान मिलेगा।
तन्हा न रहेंगे हम रातों के सफ़र में,
हर ग़म का सिला कोई मुस्कान मिलेगा।
जो दिल से दुआ देगा उसको दुआ से ही,
इस दौर में भी कोई भगवान मिलेगा।
जो दिल में छुपा है वह भी राज़ अयां हो,
थोड़ा सा अगर खुद से भी ध्यान मिलेगा।
जिन राहों से गुज़रा है तूफ़ान कोई और,
उन राहों पे भी ठहरा ये जान मिलेगा।
