जिन रास्तो पे निकल पड़ा हूँ वहा से मुरना नहीं चाहता ,
कट चुके है अब पंख मेरे ,
अरे शोरो यार
अब मैं उड़ना नहीं
...............मनीष महाजन


जिन रास्तो पे निकल पड़ा हूँ वहा से मुरना नहीं चाहता ,
कट चुके है अब पंख मेरे ,
अरे शोरो यार
अब मैं उड़ना नहीं
...............मनीष महाजन