ऐ खुदा! एक आरजू है तुझसे इस घायल और बेबस दिल के घावों को भर दे | सहने की शक्ति दे, लड़ने की शक्ति दे तू चाहे तो सब कुछ छीन ले मुझसे; बस एक बार उसको दिल से लगने का अवसर दे | ऐ खुदा! एक आरजू है तुझसे.... इस घायल और बेबस दिल के घावों को भर दे | इस दिल को और दर्द दे, उन दर्दों में सो दर्द दे, तू चाहे तो सारे दर्द मुझे ही दे; लेकिन उसकी एक मुस्कान दिखा जो इन दर्दों को हर दे | ऐ खुदा! ए क आरजू है तुझसे... इस घायल और बेबस दिल के घावों को भर दे | तू मुझे उससे दूर कर दे, रोने को मजबूर कर दे, तू चाहे तो कोई नयी दस्तूर कर दे; लेकिन है गर हिम्मत तुझमे तो इस दिल से उसे दूर कर दे | ऐ खुदा! एक आरजू है तुझसे... इस घायल और बेबस दिल के घावों को भर दे | तू मुझे मंदिर में न जाने दे, तू मुझे मस्ज़िद में न जाने दे, तू चाहे तो सारे मन्नतों के कपाट बंद कर दे; लेकिन मांगूं मैं उसे और पूरी हो मन्नत ऐसी कोई दर दे | ऐ खुदा! एक आरजू है तुझसे इस घायल और बेबस दिल के घावों को भर दे |