स्याही ख़तम हो गई “माँ” लिखते लिखते,"माँ" के प्यार की दासता इतनी लम्बी जो थी।"निशु"
स्याही ख़तम हो गई “माँ” लिखते लिखते,
"माँ" के प्यार की दासता इतनी लम्बी जो थी।
"निशु"