तू छोड़ दें कोशिशें

          इंसानों को पहचानने की, 




     यहाँ ज़रूरतों के हिसाब से 

             सब बदलते नक़ाब है,




अपने गुनाहों पर सौ परदे डाल कर 

        हर शख़्स कहता है, 




ज़माना बड़ा ख़राब है.... 


मां ♥️



       " निशु"