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तपीश


तपिश इतनी है मुझमेंछू के ज़माने को खाक कर दूंतुफान लिए रहता हूँ पल भर मेंसब तबाह कर दूं

मुझसे ज़रा दूर ही रहनाज़माने का ठुकराया हुआ हूँ मैंएक चिंगारी बस औरमैं दुनियाँ का नामों निशान मिटा दूँ

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