अपने प्यार के साये तले

एक नन्हे पौधे सा पालेंगें उसे

खुदा कि रहमत है वो

उसे सीने से लगाए रखेंगे

मिला है मुझे भी ये सम्मान

जो मैं पिता बेटी का कहलाऊं

बड़े नसीबों वाला हूँ मैं

जो बाप बेटी का बना हूँ मैं

हर दिन उत्सव सा लगता है

जब उसकी किलकारियों से घर आंगन मेरा

गुंजता है