गाँव मेरा मुझे बहुत याद आता है

वो गलियां वो सड़कें वो नहरें वो तालाब

सुकून की छांव देता वो बरगद किसी बुजुर्ग सा


गाँव मेरा मुझे बहुत याद आता है

वो बगीचा वो झूला वो सावन मस्त बहार

वो यारों संग शरारतें बेशुमार


गाँव मेरा मुझे बहुत याद आता है

वो माँ के हाथों से खाना

वो पिता की उंगली थाम कर गाँव भर में घूमना


गाँव मेरा मुझे बहुत याद आता है

वो होली वो दीपावली वो सारे त्योहारों में

मिल जुलकर साथ साथ खुशियाँ मनना

एक दूजे की खुशी में खुश हो जाना

गाँव मेरा मुझे बहुत याद आता है