
वो रात गई वो लम्हा गया
मगर आंसू रूकते नहीं
वो साथ छूटा विश्वास टूटा
मगर यकीन खत्म होता नहीं
तेरे वादे पे एतबार अब रहा नहीं
फिर भी तेरे दिदार बिन
मैं चैन से कभी रह पाया नहीं
वो लम्हा याद रहता है
वो यादों में आकर दर्द दे जाता है
कभी
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