सबके लिए अबूझ पहेली हूँ

मैं हवा हूँ या इंसान हूँ

मैं यहाँ हूँ या वहाँ हूँ

जाने मैं कहाँ कहाँ हूँ

कभी इस गली कभी उस चौराहे

मैं हर जगह हूँ

लोग जानते हैं मुझे

मगर मानते नहीं

मैं उनका ही अंतरमन हूँ

पल में यहाँ पल में वहाँ

मैं हर जगह हूँ