वो कहते हैं हम छुपाते बहुत हैं

पूँछते हैं वो कुछ हम बताते कुछ और हैं

माना कि हर दिल में कुछ राज़ छुपे होते हैं

मग़र कभी तो कोई राज़ खोलो जब हम साथ होते हैं,,


        मैनें मुस्कुराते हुए फिर उनसे कुछ यूँ कहा..

खोल देती हूँ तेरे सामने सारे राज़ अपने

देखे हैं तेरे साथ मैनें कुछ हसीं सपने

तेरे बिन लगे जैसे अधूरी हूँ मैं

तू मिल जाये तो हो जाऊं पूरी मैं

मेरी हर दुआ में शामिल तेरा नाम हो

मैं तेरी राधा और तू मेरा घनश्याम हो

दिल से जुड़ा ये रिश्ता तेरी रूह से जुड़ जाए

जिस राह पर रखूँ क़दम वो तेरी ओर मुड़ जाए

तेरी खुशियों से ही नहीं तेरे ग़म से भी मेरा रिश्ता हो

मैं बन जाऊं वो लम्हा जिस लम्हे में तू हंसता हो

तेरा मिलना जैसे टूटते तारे से मांगी कोई दुआ है

तू मेरा वो ख्वाब है जो सच में पूरा हुआ है

तूने मुझे खुदसे प्यार करना सिखाया है

प्यार कोई बंधन नहीं आज़ादी है ये बताया है

हर दिन तुम्हे इशारों में यही तो जताने की कोशिश करती हूँ

कहती नहीं हूँ लेकिन तुमसे बहुत प्यार करती हूँ

फ़िर भी तुम्हारी धड़कनें मेरे लफ़्ज़ों को सुनने का इंतज़ार करती

इज़हार-ए-मोहब्बत का मज़ा तो तब है

जब मेरी निगाहें तेरी निगाहों से बात करती हैं

है हुनर तुझमे तो इन निगाहों को पढ़

जो हर रोज़ तुझसे राज़-ए-इश्क़ बयां करती हैं

जो हर रोज़ तुझसे राज़-ए-इश्क़ बयां करती हैं..।।

https://youtu.be/Fj9PjEKPkns