कि मन अब बेफिक्रां हुआ है

जीने का डर अब निखरा हुआ है

कुछ अल्फ़ाज़ काफी नहीं ये जताने को

कि मेरा सब कुछ इस कदर बिखरा हुआ है

- मीnakshi