कि मन अब बेफिक्रां हुआ हैजीने का डर अब निखरा हुआ हैकुछ अल्फ़ाज़ काफी नहीं ये जताने कोकि मेरा सब कुछ इस कदर बिखरा हुआ है
कि मन अब बेफिक्रां हुआ हैजीने का डर अब निखरा हुआ है
कुछ अल्फ़ाज़ काफी नहीं ये जताने कोकि मेरा सब कुछ इस कदर बिखरा हुआ है