चाँद रातों से भी खूबसूरत होगी वो रात,

जब हम तुम रूबरू होंगे।

शायद बातें करने को ज्यादा कुछ ना हो,

हां! मगर नए ख्वाबों से भरे अंखियों से सब बयां कर रहे होंगे।

फासलों के काले आसमाँ पर,

साथ होने की खुशियों के सितारें बिखेर रहे होंगे।

हां! कहने को ज्यादा कुछ ना होगा,

मगर बंद होंठों की हसीं से सब बयां कर रहे होंगे।

दिल में तो तुम हमेशा से थे,

मगर जन्मों के लिए एक दूजे के हो रहें होंगे। 


                                       _Sakshi Dwivedi..