तन्हाइयों का इल्जाम सिर्फ हम पे ही ना डालो

मैं घंटो निहारता रहता हूँ,पार्क में बैठे एक शख्स को

जो सामने बैठे चिड़ियों को दाना डालते हुए पूछता है,

की बाकी के साथी तुम्हारे ,तुम्हे क्यों छोड़ चले गए?

चिड़िया बोल तो नही सकती,लेकिन शख्स को

मालूम हो गया था,की शायद मेरे सिवा कई और

लोग है यहां जो तन्हाइयों में रहना सीख लिया है