अपनो का प्यार,तकरार*

इस प्यार में तकरार का ए आलम,

दिल में नासूर नहीं बन पाता,

चंद पल की खामोशी ही ,

जीवन पतझड़ नजर आता है,

एक दूजे की परछाई हम दोनों,

इसमें प्यार ही प्यार का अनमोल रत्न,

लाख शिकवा शिक़ायत हो फिर भी,

एक दूजे के बिना कहां खुशियों का चमन,#