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प्रेम


*प्रेम+कुछ हुई गुस्ताखी तो माफ करो,दिन बीत गया शाम ढल गया,अब ना रात का इंतज़ार करो,धीरे -धीरे बात करो सारी रातप्यार करो,जिंदगी है दो दिन का झमेला,इस पर ना एतबार करो,धीरे -धीरे बात करो,सारी रात प्यार करो ।।

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