"नैनो की गहराई में,डूबा हर इंसान,
नहीं अभी तक समझ सका,
इनमें छिपा रहस्य महान,
इनकी भाषा अजब निराली,
बन जाता हर इंसान सवाली,
सबने अपनी -अपनी समझ से,
इनकी व्याख्या कर डाली,
नैना कजरारे-नैना कजरारे,
नैनों के तीर से बचा ना कोई वीर,
इनसे घायल दिल तड़पें,
जैसे लगा शमशीर दिल ,
दिल तड़प-तड़प कर निहारें,
नैना कजरारे????????#


