जिंदगी एक पेड़ सा सदा खिलती रहे,

फूल पत्ते और फल डालियां सदा झुकती रहे,

नम्रता का सीख सदा प्रकृति ने हमको दिया,

इंसान भी इंसानियत से सदा खिलती रहे।


जिंदगी में बहुत कुछ प्रतिकूल परिस्थितियों,

आती है मगर हार कर मायूस बैठना,

जिंदगी का मतलब अगर प्रकृति के ,

संदेश में इंसान है क्यों बेखबर ।

धूप गर्मी आंधी तूफान सहकर भी

पेड़ झूमते रहते अगर,

इंसान क्यों मायूस हो जाता है,

असफलताओं में अक्सर।