कुछ भी अच्छा नहीं
कोई सच्चा नहीं
दोस्त बनकर देते है धोखा
कोई अब कैसे करें भरोसा
अपने बनते है लोग
साथ रहते हैं जो
उनको कोई कैसे पहचानें
कब कहां किस घड़ी
उनकी नीयत बिगड़ी
करदे अपने बनकर के लोचा
कोई कैसे करें भरोसा
जहर अंदर भरा दिखते शहद का घड़ा
हर पल साथ रहे अपने दुखड़े कहे
साथी बनकर जो न सोचा
कोई कैसे करें भरोसा
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