धैर्य
इंसान का जीवन संभावनाओं,
का समंदर है,
आशा का दामन थामे,
थकता नही सिकंदर,
हार जीत की ना हो चिंता,
पग -पग पर कदम बढाए ,
मंजिल मिले ना मिले,
चलता है बन कलंदर।


धैर्य
इंसान का जीवन संभावनाओं,
का समंदर है,
आशा का दामन थामे,
थकता नही सिकंदर,
हार जीत की ना हो चिंता,
पग -पग पर कदम बढाए ,
मंजिल मिले ना मिले,
चलता है बन कलंदर।