हमसे बिछड़ कर तुम जी न पाओगे,
पल - हमारी याद में तड़फड़ाओगे
माना कि प्यार हमसे ही करते हो,
फिर हमारी बात से क्यों मुकरते हो,
कब तक रहोगे रुठे एक दिन तो आओगे।
तुमने ही कहा था सनम दो जिस्म एक जान है हम
मुझमें बस प्यार ही प्यार ही प्यार है सनम
फिर उन वादों को कैसे भूल जाओगे।


