बह्र- 2212 2212 2212 2212

 

अब छोड़कर तुझको भला हम जाए तो जाए कहाँ

तू ही बता दे वो जगह जिसपे न हो तेरा निशाँ

 

कोई खुदा सा दिखता है कोई खुदा ही होता है

इंसानो की इस दुनिया में सचमुच में इंसा है कहाँ

 

ये किस जगह हम आ गए ये किसके मुँह हम लग रहे

कोई यहाँ है बेज़बाँ कोई यहाँ है बदज़बाँ

 

मग़रूर बैठे हम यहाँ मग़रूर बैठे तुम वहाँ

क्या तुम सुकूँ में हो वहाँ क्या हम सुकूँ में हैं यहाँ

 

तेरी भी ऐ 'मौलिक' यहाँ किस किस से है नज़दीकियां

पर दूरियाँ मिटती नहीं जो है खुदी के दरमियाँ