किसी कोने में आज भी

वो पुराने किताब रखें है।

जिसमें तुम्हारे मेरे इश्क़ के 

दबे पुराने ख़्वाब रखें है।

मुरझायीं सी ख़्वाहिशों संग

सूखें गुलाब रखें है! 

आज भी उस में तुम्हारी लिखी 

पंक्तियों के हिसाब रखें है! 

— fitôori