आज बीते घाव फिर क्यों..उठ खड़े है राह में..आज फिर चेहरा वही..आता नज़र निगाह में..
आज बीते घाव फिर क्यों..उठ खड़े है राह में..
आज फिर चेहरा वही..आता नज़र निगाह में..