ये दिल कहे कि सिर्फ़ तू, मेरे दिल के पास है..

जो दूर तू चली गयी, मुझे तो तेरी आस है..


ना कह सकूँगा मैं तुझे, के मेरे दिल का हाल क्या..

बायाँ ज़रूर मैं करूँ, के इंतेज़ार है तेरा..


जो मेरे दिल की बात थी, वो मेरे पास राह गयी..

जो दूर तू चली गयी, बस एक आह! रह गयी..


ख़्वाबों मैं मेरे गर कहीं, तू आ भी जाए भूल से..

चली ना जाना तू कहीं, बेचारे दिल को छोड़ के..


ये दिल जो तुझको दे दिया, तो दूर तू चली गयी..

अब ये बता दे मैं इस, लाचार दिल का क्या करूँ?


जवाब से मुझे अभी, ये वरना रूठ जाएगा..

है काँच का ये मेरा दिल, ठोकर से टूट जाएगा..


ना सह सकेगा और अब, ये तेरी झूठी बेरुख़ी..

यही है सच के आज से, ये ज़िंदगी हुई तेरी..


यही है सच के आज से, ये ज़िंदगी हुई तेरी..

-मृदुल