परदेस..'s image

ना पटाखों का मनभावन शोर...

ना दीप की ज्योत उजाली है..

मिष्टान्नों के भंडारों में..

फीकी सी दिवाली है..

परदेस मेंमेरे  दिल सुन..

तेरी हर रात काली है..


ना ईद की मीठी सेवैयाँ..

ना होली पर भांग निराली है..

ना बैसाखी के रंग कहीं..

ना माता शेरा वाली है..

परदेस मेंमेरे  दिल सुन..

तेरी हर रात काली है..


ना माँ की ममता..

ना&nb

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