गम भी हैं नामुक्मल, खुशिया भी हैं अधूरी..
आँसू भी आ रहे हैं, हँसना भी हैं जरूरी..
इन दो सफहोँ मे मानो, है, कायनात पूरी..
लबरेज़ चशमे अशकाँ, लब पर शफक सिंदूरी..
-मृदुल
नामुक्मल - incomplete
सफहोँ - papers, pages, पन्ना
लबरेज़- overflowing, filled to the brim
चशमे अशकाँ - Tearful eyes
शफक - the colour of the horizon at dawn/dusk..


