मेरी आवाज़ में हो तुम..

मेरे अन्दाज़ में हो तुम..


नहीं होती हो गुम हमसे..

बसी हर साज़ में हो तुम..


हवाओं में इक ख़ुश्बू..

है मोसम में भरा जादू..


तुम्हारी ये अदाएँ भी..

हमें करती है बेक़ाबू..


बसालूँ तुमको आँखों में..

छुपालूँ हर निगाहों से..


समेंटूँ तुमको बाहों में..

बचालूँ हर बालाओं से..


तेरा ही प्यार इस दिल में..

तेरी ही याद तिल तिल में..


है हाले दिल बायाँ करता हुआ सा..

आज महफ़िल में.


समझले तू इशारे को..

मेरे त मन के पारे को..


ये महफ़िल है तेरी ख़ातिर..

तू मेरा नाम लिख देना..


अगर है प्यार हमसे तो..

तेरा पैग़ाम लिख देना..

-मृदुल