
गुम है धड़कन, गुम है साँसें, गुम ही सारा सुकून है..
इसको स्याही तुम न समझो, कलम टपकाती ख़ून है..
तिश्नगी, है ये कैसी? के ये कैसा जुनून Read More! Earn More! Learn More!

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