मोहब्बत के मारे को... ऐसे ना देखोख़ता ही नहीं... हम गुनाह कर चुके है।ख़ता ही तो की थी... के दिल दे दिया थामगर तुझको देना... गुनाह हो गया।
मोहब्बत के मारे को... ऐसे ना देखोख़ता ही नहीं... हम गुनाह कर चुके है।
ख़ता ही तो की थी... के दिल दे दिया थामगर तुझको देना... गुनाह हो गया।