1 min read 797.1K reads

गहराइयाँ


इस गमैं दिल की गहराइयों को मात नाप, ऐ दोस्तइसके सैलाब मैं तू, खो जायेगा

नाव जीवन की यहाँ, डूबने से चलती हैबोल कश्ती तू ऐसी, कहाँ से लायेगा?

— मृदुल
Read more Earn more Learn more