इस गमैं दिल की गहराइयों को मात नाप, ऐ दोस्तइसके सैलाब मैं तू, खो जायेगानाव जीवन की यहाँ, डूबने से चलती हैबोल कश्ती तू ऐसी, कहाँ से लायेगा?
इस गमैं दिल की गहराइयों को मात नाप, ऐ दोस्तइसके सैलाब मैं तू, खो जायेगा
नाव जीवन की यहाँ, डूबने से चलती हैबोल कश्ती तू ऐसी, कहाँ से लायेगा?