जन्नत की तलाश,
बोतलों में करना फ़िज़ूल है..
नशा है कुछ पल का,
कहाँ इसमें वो सूरूर है..
पीना ही है तो पी,
उन नज़रों से जाम को..
जन्नत नसीब होगी
तेरे एहतराम को..
-मृदुल


जन्नत की तलाश,
बोतलों में करना फ़िज़ूल है..
नशा है कुछ पल का,
कहाँ इसमें वो सूरूर है..
पीना ही है तो पी,
उन नज़रों से जाम को..
जन्नत नसीब होगी
तेरे एहतराम को..
-मृदुल