ज़िंदगी ने किया है..कैसा सितम..तुझको पा कर भी..तुझको पा ना सके..दिल है मेरा..कहे है तेरी नज़र..मगर वो होंठ....हमें अपना ना सके..मगर वो होंठ....हमें अपना ना सके..
ज़िंदगी ने किया है..कैसा सितम..
तुझको पा कर भी..तुझको पा ना सके..
दिल है मेरा..कहे है तेरी नज़र..
मगर वो होंठ....हमें अपना ना सके..