उनको लिखना था ख़त, क्या? अब याद नहीं..
ख़्वाब था या हक़ीक़त, था क्या? अब याद नहीं..
तलाश में उनकी, हमारा कुछ गुम हो गया शायद..
धड़कता सा था कुछ सीने मैं, क्या? अब याद नहीं..
-मृदुल


उनको लिखना था ख़त, क्या? अब याद नहीं..
ख़्वाब था या हक़ीक़त, था क्या? अब याद नहीं..
तलाश में उनकी, हमारा कुछ गुम हो गया शायद..
धड़कता सा था कुछ सीने मैं, क्या? अब याद नहीं..
-मृदुल