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मेरे प्रेमसंगीत


मुझे क्षमा करना, तुम्हे प्रणाम न कर सकाक्षण भर आए तुम सतरंगी, मुझे रंग नेऔर मैं रंग न सकाये संसार की गूंज मन में बजती ही रहती हैमैं तुम्हे सुन न सकामेरे प्रेमसंगीत , क्षमा करनातुम्हारा गीत बन न सका

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