जद ओ जहद है कमाने की,
खाने की , पीने की,
सो जाने की , जग जाने की,
लड़ने की , मारने की ,
पैदा करने की, मर जाने की
किसी नजरो में कुछ बन जाने की
बन के मिट जाने की यहां ,
झुंडो में चलने की आदत ने
पंगु बना दिया है ,
देख लो कभी किसी कॉलर
में बंधे कुत्ते को
तो गौर करना ,
आईने सिर्फ शीशे के नही होते
