वो रात और खूबसूरत होती अगर,वो आते और जम के बरसात होती अगर,बह जाती बंदिशों की अज़ाब(पीड़ा) अगर,फिर चाहे फ़िरदौस में मुलाकात होती अगर।
वो रात और खूबसूरत होती अगर,वो आते और जम के बरसात होती अगर,
बह जाती बंदिशों की अज़ाब(पीड़ा) अगर,फिर चाहे फ़िरदौस में मुलाकात होती अगर।