निचोड़ू खुद को तो स्याही सा सिमट जाता हूं,लिखने बैठू तो लिखता ही जाता हूं,यूं तो बातें दूसरों से हजार करता हूं,पर जब खुद से मिलता हूं तो चुप हो जाता हूं।
निचोड़ू खुद को तो स्याही सा सिमट जाता हूं,लिखने बैठू तो लिखता ही जाता हूं,
यूं तो बातें दूसरों से हजार करता हूं,पर जब खुद से मिलता हूं तो चुप हो जाता हूं।