Poetry 1 min read 433K reads

में


निचोड़ू खुद को तो स्याही सा सिमट जाता हूं,लिखने बैठू तो लिखता ही जाता हूं,

यूं तो बातें दूसरों से हजार करता हूं,पर जब खुद से मिलता हूं तो चुप हो जाता हूं।

Read more Earn more Learn more