"दानव को जन्म देकर, उसके निर्माता बसमहत्वहीन हो जाते हैं—उनकी चीखें और राय,बारिश में तीलियां जलाने जितनी बेकार औरउनकी मूर्खता गूंज भर रह जाती हैं।"। कलाम–ए–राख ।
"दानव को जन्म देकर, उसके निर्माता बसमहत्वहीन हो जाते हैं—उनकी चीखें और राय,
बारिश में तीलियां जलाने जितनी बेकार औरउनकी मूर्खता गूंज भर रह जाती हैं।"
। कलाम–ए–राख ।