दादी का छाता और छोटी सी मैं,बारिश की बुंदो में जादू सा है।दादी तो मैंने कभी देखी नही,पर उनका छाता मेरा आशिया है।
दादी का छाता और छोटी सी मैं,बारिश की बुंदो में जादू सा है।
दादी तो मैंने कभी देखी नही,पर उनका छाता मेरा आशिया है।