बेटियाँ
कोई कहे इन्हें लक्ष्मी का रूप
कोई कहे सरस्वती का स्वरूप
भाग्यशाली है वह घर जहाँ इनका रहना है
बेटियाँ तो जिंदगी का गहना है
माँ बाप का अभिमान होती हैं बेटियाँ
पिता के होठों की मुस्कान होती हैं बेटियाँ
माता की आँख से बहे ना आँसू इसलिए हमेशा खुश इन्हें रहना है
बेटियाँ तो जिंदगी का गहना है
देश के मुकुट का ताज हैं बेटियाँ
हर पिता की तरक्की का राज़ हैं बेटियाँ
माँ बाप के मान सन्मान की खातिर खुद को हर अपमान सहना है
बेटियाँ तो जिंदगी का गहना है
एक दिन जब आँखों में लिए आँसू लेती हैं बिदाई
तब बाबुल की हर आह से निकलती है यह दुहाई
कि बाबुल हो या ससुराल, हर आँगन को महकाते रहना है
बेटियाँ तो जिंदगी का गहना है
कहीं बनती हैं दहेज का शिकार
तो कहीं पर सहती किसी नराधम का अत्याचार
फिर भी मर्यादा में तो केवल इन्हें ही रहना है
बेटियाँ तो जिंदगी का गहना है
दूसरों के सुख चैन के लिए जो खुद को फना कर देती हैं
समाज की तरक्की के लिए जो खुद को तबाह कर देती हैं
आप सिर पर बोझ नहीं सिर का ताज हो
आप कोई मनहूसियत नहीं बल्कि हर यश का राज़ हो
आपका करके अपमान समाज मान पा नहीं सकता
आज देश की हर बेटी को यह कहना है
बेटियाँ तो जिंदगी का गहना है


