सुबह-सुबह चिड़िया उठकर
जब मीठे गीत सुनाती है ,
नन्हीं कोमल प्यारी कलियाँ
जब झुरमुट से मुस्कातीं हैं !
जब शीतल मंद बयार चले
एक खुशबू सी छा जाती है ,
थम जाए इस दिल की धड़कन
और याद तुम्हारी आती है !
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जब रंग बिरंगे फूल खिले
और हरियाली छा जाती है
आम के पेड़ों पर बैठी
जब कोयल कूक लगाती है !
मेंड़ों पर चलती मधुबाला
जब पायल को छनकती है ,
थम जाए इस दिल की धड़कन
और याद तुम्हारी आती है !
—
जब ढलते सूरज की लाली
इन्द्रधनुष बन जाये ,
धानों की बाली हो मतवाली
जब खेतों में लहराये !
जब ठंडी-ठंडी पवन चले
जो दिल को यूँ छू जाती है ,
थम जाए इस दिल की धड़कन
और याद तुम्हारी आती है !