उसकी यादें मुझमेंऐसे बिखर जातीं हैं,जैसे,वादियों मेंबिखर जाती हैपिली धूपऔर खिल उठता हैपत्ता-पत्ता बूटा-बूटाउसकी याद मेंमहक उठती हैफूलों की घाटी ..