दिल के अरमाँ तोड़ गया,
आज एक बेवफ़ा फ़िर छोड़ गया,
फूल बनकर आया कांटे छोड़ गया,
लेकर लबों पर मुस्कान आँसू दे गया,
बनाकर अपना, मुंह मोड़ गया,
प्यार से शुरु होकर, नफ़रत में बदल गया,
आज फ़िर से दिल ये तन्हा हो गया,
छीनकर नींद मेरे आँखों की,
मुझे करवटें बदलने को मजबूर कर गया,
आज एक बेवफ़ा फ़िर छोड़ गया,,,,,
