दुनिया में होश निराला है, हर नुक्कड़ पर मधुशाला है।
महफिल में है मशहूर वही, होठों पर जिसके प्याला है।
कहलाता धनवान वहीं, जिसका मान ईमान दीवाला है।
सुलझा है हर शख़्स यहां, अक्ल पे जिसके ताला है।
उंचा है कद पद उसका, घर जिसका भी बहुमाला है।
कहां से दीक्षा ग्रहण करूं, पाखंड के हाथ ही माला है।
दुनिया में होश निराला है, हर नुक्कड़ पर मधुशाला है।


