चिड़ियों में नव उल्लास

भ्रमरों में गीत-वन्दना

पुष्पों में भरी उमंग सी

शाँत ये ठहरा पानी।


प्रतिपल बदलता आसमान

हर क्षण बदलती हवाएं

पंछी भी कुछ बदले से

अचर ये ठहरा पानी।



मेघों में क्रोध गर्जना

सूर्य किरणों में तीव्रता

छाया में प्रेम भाव सा

उदास ये ठहरा पानी।


सांझ हुई आकाश में

हमसफ़र की याद में

बैठा राही देख रहा

एकटक ये ठहरा पानी।