अंधियारे सा जीवन मेरा
उजाले की कोई राह नहीं
अनजाने इन रास्तो पर
मंज़िल की मुझे चाह नहीं
चलते जाना जीवन मेरा
चलना मेरा काम है
रुकना मुझको आता नहीं
मेरे दिल में बस्ते राम है
अकेले राह पैर चलना
मुझे पहले कहा आता था
रोटी हुई आँखों को देखकर
कुछ कहना कहा आता था
आज भी उस काबिल नहीं
की कुछ कह सकू
उन रोटी हुई आँखों के
आंसू अब न सह सकू
कहना है कुछ करना है
इस काबिल हमें बनना है
कह सकू की मैं हु साथ तेरे
हर पल तू साये में है मेरे
खड़ा तू हो
चलना मैं सीखा दूंगा
तू जीवन की राह पकड़
जीना मैं सीखा दूंगा