जब कभी माँ को तकलीफ होती है
तो वह बच्चे से लिपटकर रो लेती है
पिता को फिर काम पर जाना होता है
इसलिए, वह चाह कर भी नहीं रोता है


जब कभी माँ को तकलीफ होती है
तो वह बच्चे से लिपटकर रो लेती है
पिता को फिर काम पर जाना होता है
इसलिए, वह चाह कर भी नहीं रोता है